मध्यकाल के एक प्रख्यात इतिहासकार इरफान हबीब भक्ति आंदोलन को इस्लाम के आगमन और केवल तकली-कमानी की ताल पर नाचा देते हैं। यदि उनके पूर्वजों द्वारा तकली कामायनी मात्र को भारत लाने से शिल्पी जातियों का उद्धार और उनके भीतर का आत्मगौरव पूरे के पूरे भक्ति मूवमेंट का बीज बन सकता है तो दक्षिण भारत के कला और स्थापत्य के केंद्र मंदिरों के निर्माण और विकास से शिल्पी जातियों का कितना विकास हुआ होगा, समझ सकते हैं। लेबल वाली कोई पोस्ट नहीं. सभी पोस्ट दिखाएं
मध्यकाल के एक प्रख्यात इतिहासकार इरफान हबीब भक्ति आंदोलन को इस्लाम के आगमन और केवल तकली-कमानी की ताल पर नाचा देते हैं। यदि उनके पूर्वजों द्वारा तकली कामायनी मात्र को भारत लाने से शिल्पी जातियों का उद्धार और उनके भीतर का आत्मगौरव पूरे के पूरे भक्ति मूवमेंट का बीज बन सकता है तो दक्षिण भारत के कला और स्थापत्य के केंद्र मंदिरों के निर्माण और विकास से शिल्पी जातियों का कितना विकास हुआ होगा, समझ सकते हैं। लेबल वाली कोई पोस्ट नहीं. सभी पोस्ट दिखाएं
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